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Desh-Desh Ki Lokkathayen देश-देश की लोककथाएँ Book In Hindi-Renu Saini

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Desh-Desh Ki Lokkathayen देश-देश की लोककथाएँ Book In Hindi-Renu Saini

Desh-Desh Ki Lokkathayen देश-देश की लोककथाएँ Book In Hindi-Renu Saini

About the Products:

प्राचीन काल से ही मनुष्य मनोरंजन के नए-नए साधन ढूँढ़ने का प्रयत्न करता रहा है। मनुष्य ने आदिकाल से ही अपने विकास के साथ-साथ मनोरंजन के भी अनेक तरीके खोजे। उस समय मनोरंजन का सबसे सशक्त माध्यम बनींदेश-देश की कथाएँ। हर देश की अपनी एक अलग भाषा, संस्कृति, वेशभूषा, रिवाज और खान-पान होता है। इस संस्कृतियों की विभिन्न बातों में संदेश और जीवन की गहनता प्रबल होती है। हर किसी देश के जीवन की संस्कृति और गहनता को उनकी कहानियों के माध्यम से सरलता से समझा जा सकता है।लोककथाओं का उद्गम जहाँ भी हुआ हो, पर एक बात तो तय है कि हर लोककथा एक ऐसा संदेश देती है, जो आज भी मानव को ईमानदारी, विनम्रता, प्रेम, दया, ममता, करुणा और साहस का पाठ पढ़ाती है। हर लोककथा के मर्म में यही संदेश छिपा है कि प्रारंभ में अच्छा व्यक्ति चाहे कितनी ही परेशानियों को झेले, कितने ही दुःखों का सामना करे, लेकिन अंततः जीत उसी की होती है और बुराई को हारना पड़ता है, बार-बार और हर बार ।इस पुस्तक में बावन देशों की विभिन्न लोककथाएँ हैं। हर लोककथा दूसरी से बेहद अछूती एवं विविध है। इस पुस्तक में ऐसी लोककथाओं को रचने का प्रयास किया गया है, जो एक-दूसरे से जुदा हों और व्यक्ति के अंदर कल्पना, यथार्थ, दुःख-सुख व प्रेम, सभी तरह के भाव विकसित करने में सक्षम हों।

Language: Hindi

Page No: 192

Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.

$16.95
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About the Products:

प्राचीन काल से ही मनुष्य मनोरंजन के नए-नए साधन ढूँढ़ने का प्रयत्न करता रहा है। मनुष्य ने आदिकाल से ही अपने विकास के साथ-साथ मनोरंजन के भी अनेक तरीके खोजे। उस समय मनोरंजन का सबसे सशक्त माध्यम बनींदेश-देश की कथाएँ। हर देश की अपनी एक अलग भाषा, संस्कृति, वेशभूषा, रिवाज और खान-पान होता है। इस संस्कृतियों की विभिन्न बातों में संदेश और जीवन की गहनता प्रबल होती है। हर किसी देश के जीवन की संस्कृति और गहनता को उनकी कहानियों के माध्यम से सरलता से समझा जा सकता है।लोककथाओं का उद्गम जहाँ भी हुआ हो, पर एक बात तो तय है कि हर लोककथा एक ऐसा संदेश देती है, जो आज भी मानव को ईमानदारी, विनम्रता, प्रेम, दया, ममता, करुणा और साहस का पाठ पढ़ाती है। हर लोककथा के मर्म में यही संदेश छिपा है कि प्रारंभ में अच्छा व्यक्ति चाहे कितनी ही परेशानियों को झेले, कितने ही दुःखों का सामना करे, लेकिन अंततः जीत उसी की होती है और बुराई को हारना पड़ता है, बार-बार और हर बार ।इस पुस्तक में बावन देशों की विभिन्न लोककथाएँ हैं। हर लोककथा दूसरी से बेहद अछूती एवं विविध है। इस पुस्तक में ऐसी लोककथाओं को रचने का प्रयास किया गया है, जो एक-दूसरे से जुदा हों और व्यक्ति के अंदर कल्पना, यथार्थ, दुःख-सुख व प्रेम, सभी तरह के भाव विकसित करने में सक्षम हों।

Language: Hindi

Page No: 192

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